Paryushan Parv 2022

पर्युषण पर्व को पर्वराज भी कहा गया है यानी कि जैन धर्म के सभी त्योहारों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है.

श्वेतांबर समाज में यह पर्व 24 अगस्त से मनाया जाएगा वही दिगंबर समाज में यह पर 31 अगस्त से मनाया जाएगा

पर्युषण पर्व के दौरान जैन धर्म के अनुयायी उपवास रख त्याग, तपस्या और साधना करते हैं.

पर्युषण पर्व में व्यक्ति को अपने द्वारा किए बुरे कर्मों से उबरने के लिए खास अवसर मिलता है. ये पर्व जीओ और जीने दो की राह पर चलने की प्रेरणा देता है.

इस पर्व में अपने द्वारा की गई गलतियों पर विचार कर क्षमा मांगी जाती है. पर्युषण पर्व आत्मशुद्धि का अवसर प्रदान करता है .

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